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Dil Pe Leta Hai

18 Aug

वो मेरी हर इम्दाद दिल पे लेता है
वो बेबफा हर बफा दिल पे लेता है

पानी में बह जाये सारी फसल तब
किसान वो बरसात दिल पे लेता है

बाल सफ़ेद एक ही दिखे जवानी में
हर शख्स वो अपने दिल पे लेता है

दिल की बात मैं दिल से कहता हूँ
बस वही बात मेरी दिल पे लेता है

लहूँ एक है मगर दुश्मनी मोल ली
बात ये हिन्दुस्तान दिल पे लेता है

आयने से निकल कर वो ‘मिलन’
तारीफे-हुस्न अपने दिल पे लेता है !!

मिलन “मोनी”

Phle

24 Jul

आँगन में पहले एक पेड़ लगा लिया जाए
पंछियों को पिंजरों से फिर उड़ा दिया जाए !

फूलों के बारे में कभी सोचेंगे इत्मीनान से
दामन ज़रा काँटों से पहले बचा दिया जाए !

मिट्टी की काया को, मिट्टी में मिल जाना है
पहले इसको प्यार का बुत बना दिया जाए !

वो मनचला पत्थर ज़रूर फेंकेगा कीचड़ में
बारिष से पहले यह पत्थर हटा दिया जाए !

इनकी जड़ों को उखड़ने से पहले जहान में
शाखाओं को दूरदूर तलक फैला दिया जाए !

पहले के गानों में कितनी गहराई होती थी
अब भूले बिसरे गीतों को सुना दिया जाए !

राम रहीम मिलके दोनों सोच रहे ‘मिलन’
पहले आदमी को आदमी बना दिया जाए !!

मिलन “मोनी”

Baat Hogi

24 Jul

उसने कहा, दो गज की दूरी होगी बस तब ही बात होगी
मैंने कहा, ऐसी नजदीकियों में भला क्या ही बात होगी !

उसने पूछा, क्या एक कदम की दूरी तो मुनासिब रहेगी
मैंने कहा, दूरियाँ जब तलक दरम्यान हैं नहीं बात होगी !

उसने पूछा, फिर कितना नज़दीक हमें तो आना चाहिए
मैंने कहा, कम से कम दिलों तक आयेगे तो बात होगी !

उसने कहा, दिल में रहकर भी कभी दूरियाँ बढ़ जाएँ तो
मैंने कहा, अपनी हर मजबूरी मिट जाए तभी बात होगी !

वो दिल में आए बैठे और अभी आते हैं कहकर चले गए
तब से हम इंतज़ार में बैठे हैं कब आयेगे कब बात होगी !

दिलों के दरम्यान रिश्तों का भी अपना दर्द होगा ‘मिलन’
कभी टूटने की बात होगी तो, कभी जोड़ने की बात होगी !!

मिलन “मोनी”

७/५/2002

Magroor

23 Jul

आज आया, तो कल जाना ज़रूर है
वक़्त के हाथों वक़्त तक मजबूर है !

जितना मिला, हम उसी में खुश हैं
फैसले नसीबों के सब हमें मंज़ूर हैं !

मोहब्ब्त तो हम सबसे ही करते हैं
फिर जाने क्यों बेवफा में मशहूर हैं !

ये उनकी कातिल अदा का असर है
के मुझ पर उनके हुस्न का सुरूर है !

तुम साथ हो मेरे इतना क्या कम है
इसलिए अपने मुकददर पर गुरूर है !

जो हासिल किया छोड़ना है ‘मिलन’
इंसान किस बात के लिए मगरूर है !!

मिलन “मोनी”

Sitare Ke Jaise

19 Jul

गमें ज़िन्दगी का हिसाब चुका लिया हमने
तुझे देखकर थोड़ा जो मुस्कुरा लिया हमने !

अन्धेरा कहीं न हो जाए अपने घर में कभी
बनके शमाँ रात भर जगमगा लिया हमने !

चेहरा महताबी और आँखें उनकी झील सी
किस आग में दिल जला बुझा लिया हमने !

तनहा रातों की खामोशी में याद करके तुझे
एक गज़ल की मानिंद गुनगुना लिया हमने !

हुआ तारी मुझ पे नशा तेरे हुस्न का सनम
बिना पिये ही कितना डगमगा लिया हमने !

टूटने से पहले तो इस आसमां पर ‘मिलन’
एक सितारे के जैसे टिमटिमा लिया हमने !!

मिलन “मोनी”

Aas Ke Siva

13 Jul

मुझमें कुछ बचा नहीं तेरी याद के सिवा
मेरा जिस्म रहा नहीं गरम राख के सिवा !

दिल की धडकनें रुक रुक कर कहतीं रहीं
और क्या चाहिए एक मुलाक़ात के सिवा !

जाने कितने समंदर ठहर गए पलकों पर
नज़र को क्या चाहिए तेरे दीदार के सिवा !

कितने दिन गुज़र चुके तेरी हाँ के खातिर
कुछ नहीं चाहा था मैंने एक रात के सिवा !

आगाज़ हुआ जहाँ था अंजाम वहीँ है मेरा
मुझे जाना कहीं नहीं है तेरे गाँव के सिवा !

सरे-बिस्तरे-मर्ग तेरा नाम आया मिलन
प्यार को क्या चाहिए तेरी आस के सिवा !!

मिलन “मोनी”

Saugaat

10 Jul

खुद से खुदके ताल्लुकात नहीं होते
आयनों के अपने जज़्बात नहीं होते !

आंसुओं से भरे चेहरे को छुपा लिया
ज़ख्म ज़िन्दगी के सौगात नहीं होते !

उन्ही रिश्तों से सुकून मिला है जहां
आपस में कोई इल्ज़ामात नहीं होते !

बन जाते हैं दोस्त भी दुश्मन जाँ के
बातों पर जहाँ एहतियात नहीं होते !

आपको जो भी चाहिए ले लो हमसे
प्यार में कोई एहसानात नहीं होते !

जब चाहे दिल में मेरे आप आइये
यहाँ बे वजाह तहकीकात नहीं होते !

पहली दफा हमारी मान जाते बात
बुरे इस क़दर यह हालात नहीं होते !

नजदीकियां भी दूरियाँ बन जातीं हैं
एक जब अपने खयालात नहीं होते !

ज़िन्दगी अपने मनमुताबिक़ गुज़रे
तो इसमें इतने खुराफात नहीं होते !

अब ले चलो उस ही जगह ‘मिलन’
जहाँ जाने के इंतजामात नहीं होते !!

मिलन ‘मोनी’ ७/७/२०१७