Unka Naam

13 Jul

किताब मैंने लिखी नाम उनका हो गया
पहली ग़ज़ल में जिक्र उन्हीका हो गया !

हर शेर बड़ी सलीके से सजाया गया था
यह भी बहुत नाकाबिले तारीफ़ हो गया !

हुस्न की तारीफ़ में कुछ ऐसा कह गया
ग़ज़ल मेरी थी पर चर्चा उनका हो गया !

मेरे हुनर की किसी ने सरहाना नहीं की
जिसनें पढ़ा वह उनका दीवाना हो गया !

मेरा नाम किताब के ऊपर ही लिखा था
मशहूर नाम उनका हर दुकां में हो गया !

खरीदने किताब लोग उसके नाम से गए
साथ में मेरा भी कहीं इस्तेमाल हो गया !

ज़िक्रे चांदनी तो महशर में रात भर हुआ
ध्यान मेरे कलाम पे किसी का नहीं गया !

मुस्कुरा कर चांदनी ने जो रूह को छुआ
जो मेरा मुरीद था अब उसी का हो गया !

चाह कर उसे तुझ को ही चाहा ‘मिलन’
जिसजिस ने तुझे चाहा मेरा भी हो गया !!

मिलन “मोनी”

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