Saugaat

10 Jul

खुद से खुदके ताल्लुकात नहीं होते
आयनों के अपने जज़्बात नहीं होते !

आंसुओं से भरे चेहरे को छुपा लिया
ज़ख्म ज़िन्दगी के सौगात नहीं होते !

उन्ही रिश्तों से सुकून मिला है जहां
आपस में कोई इल्ज़ामात नहीं होते !

बन जाते हैं दोस्त भी दुश्मन जाँ के
बातों पर जहाँ एहतियात नहीं होते !

आपको जो भी चाहिए ले लो हमसे
प्यार में कोई एहसानात नहीं होते !

जब चाहे दिल में मेरे आप आइये
यहाँ बे वजाह तहकीकात नहीं होते !

पहली दफा हमारी मान जाते बात
बुरे इस क़दर यह हालात नहीं होते !

नजदीकियां भी दूरियाँ बन जातीं हैं
एक जब अपने खयालात नहीं होते !

ज़िन्दगी अपने मनमुताबिक़ गुज़रे
तो इसमें इतने खुराफात नहीं होते !

अब ले चलो उस ही जगह ‘मिलन’
जहाँ जाने के इंतजामात नहीं होते !!

मिलन ‘मोनी’ ७/७/२०१७

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2 Responses to “Saugaat”

  1. Priya July 10, 2017 at 4:01 pm #

    Waooo beautiful lines……

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