Nahi Sakta

7 Jul

जानता हूँ तुझे पा नहीं सकता
दूर दिल से भी जा नहीं सकता !

जान की चाहें मेरी कसम लेलो
कसमें झूठी मैं खा नहीं सकता !

दर्द से जो सराबोर रहते अक्सर
ऐसे नगमें अब गा नहीं सकता !

साथ तेरे जो गुज़ार लिए हमने
लम्हे लौटा कर ला नहीं सकता !

दिल से शख्स उतर जाता है जो
ज़रूरी नहीं फिर भा नहीं सकता !

दुनिया को अलविदा कहने वाला
लौट कर वापस आ नहीं सकता !

जब तब बरस जाता है ‘मिलन’
गम बादल सा छा नहीं सकता !!

मिलन “मोनी”

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