Chhor Do

19 Sep

दूर रह कर मुझसे इतना मुस्कुराना छोड़ दो,
कब कहा था यह के मरे पास आना छोड़ दो !

कर रही है हिचकियाँ ये हाल बेहाल सा मेरा,
याद कर कर कर मुझे फिर भुलाना छोड़ दो !

फंस गए अब जाल में कहाँ बच पाओगे तुम,
प्यार के इन सब सबूतों को मिटाना छोड़ दो !

आस्तीनों में तुम्हारी पले हैं जो जहरीले बहुत,
उन सभी सांपों को अब दूध पिलाना छोड़ दो !

ज़िन्दगी में काम की कुछ बात करके देखिये,
बैठ बैठे अब बेसबब ये पीना पिलाना छोड़ दो !

ले ही जायगी वहांतक तकदीर तुझको खीच के,
हालात के आगे हर वक़्त गिडगिडाना छोड़ दो !

हुस्न की दौलत से नवाज़ा है खुदा ने ‘मिलन’,
रेजगारी के लिए अब दिन रात लड़ना छोड़ दो !!

मिलन “मोनो”

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