Kitabo Me

13 Aug

अब वो खुश्बू कहाँ गुलाबों में
हुस्न छुपे रहते हैं हिजाबों में

हालेदिल पूछ के क्या हासिल
सवाल ही करते हैं जवाबों में

आसमां पर घिर आये बादल
चाँद जैसे सो गया नकाबों में

हार जीत का फैसला हो गया
हम लगे रहे किन हिसाबों में

खुशियाँ मिल न पायीं हमको
ज़िन्दगी डूबी रही अज़ाबों में

मैं शायर रहा मगर अनजाना
लोग खोजते रहेगे किताबों में

शातिर बहुत है दुनिया’मिलन’
क्या धुलोगे मिलोगे नवाबों में !!

मिलन “मोनी”

Advertisements

One Response to “Kitabo Me”

  1. Astha gangwar poetries blog August 16, 2016 at 1:47 pm #

    Nice one

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: