Na Ho Jaaye

5 Jun

अहसासों से ये दुनिया कहीं खाली न हो जाए
मुहब्बत से करना बात कहीं गाली न हो जाए

बदले प्यार के हमको जब प्यार नहीं मिलता
मुमकिन है यही रिश्ता कहीं पानी न हो जाए

जिधर देखो उधर ही नफरतों के खेत उगते है
अपना अक्स ही हम से कहीं बागी न हो जाए

जिस संस्कार पे अपने हमें गुमाँ इतना आज
नदिया रस्मरिवाजों की कहीं नाली न हो जाए

बदल रही है जिस रफ़्तार से ‘मिलन’ दुनिया
लिखना चाँद पर ग़ज़लें कहीं बासी न हो जाए

मिलन “मोनी”

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: