Dard Apna Hai

14 Apr

दर्द अपना ही है इसको दिल में बसाया जाए
अपने साये कोही अपना हमराज़ बनाया जाए

बन्द कमरे की घुटन से बचने के लिए सही
बाहर दीवार में एक रोशन दान बनाया जाए

कैसी हवाएँ चल रहीं हैं गलियों में आज कल
मुंडेरों पर जला दीपक रख पता लगाया जाए

उनके जाने से इस शहर में बहुत कुछ बदला
ये कितना छुपाया और कितना बताया जाए

मकां के कोनेकोने में उनकी यादें हैं बावस्ता
किसे मिटाया या किससे दिल सजाया जाए

जिन खतों में उसने रख गुलाब भेजे ‘मिलन’
उनकी खुशबू सेही अपना घर महकाया जाए

मिलन “मोनी” १४/४/२०१६

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