Archive | March, 2015

Adhoori

11 Mar

तुम में थे हम,
हम में थे तुम,
फिर भी अधूरी रात रह गयी,
बोले कुछ तुम,
बोले कुछ हम,
फिर भी अधूरी बात रह गयी,

साहिलों पर घर था मेरा,
मौजों की हर धुन में तुम,
बादलों सा ख्वाब था मेरा,
बारिष की बूँद बूँद में तुम,
हल्की सी एक आंधी आयी,
और अधूरी प्यास रह गयी,

तुम में थे हम,
हम में थे तुम,
फिर भी अधूरी रात रह गयी,

कोमल सी मासूम कली तुम,
और सुगन्धित फूल थे हम,
पतझड़ या बहार का मौसम,
हर मन में खिलते तुम हम,
कुछ सर्द हवा के झोंके आए,
और अधूरी बहार रह गयी,

तुम में थे हम,
हम में थे तुम,
फिर भी अधूरी रात रह गयी,

हुस्न आवारा सा था तेरा,
इश्क दीवाना सा था मेरा,
इन नज़रों में रहते थे तुम,
मन में तेरे बसते थे हम,
किसकी नज़र लग गयी,
अधूरी मुलाक़ात रह गयी

तुम में थे हम,
हम में थे तुम,
फिर भी अधूरी रात रह गयी,
अधूरी शिकायत रह गयी.

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Saza Dijiye

11 Mar

दीजिये ग़म मुझको,बेपन्हा दीजिये,
प्यार करने की कुछ तो सजा दीजिये,

फूल की पंखुड़ी सा नाज़ुक है दिल,
टूटने से इसे तो अब बचा लीजिये ,

चुप है ज़मीं और आसमान चुप है,
चुपचाप बस दोनों को मिला दीजिये,

बंद हैं लब मगर, बोलते हैं नयन,
अपनी आँखों सेही सब कहा कीजिये,

दो कदम तुम चलो दो कदम हम चलें,
साथ चलने की रब से दुआ कीजिये,

दीजिये ग़म मुझे,बेपन्हा दीजिये,
प्यार करने की कुछतो सजा दीजिये.

Hota To Hai

2 Mar

बिन तेरे

दिल बेकरार होता तो है,
मन का चैन खोता तो है,
ख्याल तेरा रह रह करके,
होश हमारा लेता तो है,

हरपल तेरी याद ह्रदय को,
अब आकर तडपाती तो है,
हर पल तुझसे मिलने की,
आस जगाया करती तो है,

दिन तनहा गुज़रता तो है,
रात रुलाया करती तो है,
सावन की झाडिया भी बस,
प्यास बढाया करती तो हैं,

ख्वाब तुम्हारे जैसे हर दम,
नयनों में छाये रहते तो हैं,
मेरे स्मृति पटल पर तेरी,
छबि उभरती रहती तो है,

मेरे गीत ग़ज़ल में भाव,
तेरे यौवन के रहते तो हैं,
कुछ कह ना पायें फिर भी,
कुछ न कुछ ये कहते तो है,

तू मुझमे है, मैं तुझमे हूँ,
धड़कन कहतीं रहतीं तो हैं,
दुनिया इसको मेरा तुझसे,
प्यार बताया करती तो है.

शायद यही  सच है ?

मिलन “मोनी”