Archive | December, 2014

Parwaana

18 Dec

शम्मा जली तो दिल,परवाना हो गया,
देखा तुम्हें तो इश्क में दीवाना हो गया.

होती हैं कातिलाना बहुत हुस्न की अदा,
ये दिल भी मेरा शायद निशाना हो गया.

ख्वाबों में वो मिले तो ऐसा लगा मुझे,
देखे हुए उन्हें कितना  ज़माना हो गया.

सामने थे जबतक हम होश में नहीं थे,
वस्लेशब् यह आलम मैखाना हो गया.

जाने लगे तो उसने बस मुस्कुरा दिया,
इतने से उनके दर्द का अंदाजा हो गया.

शम्मा जली तो दिल,परवाना हो गया,
देखा तुम्हें तो इश्क में दीवाना हो गया.

Meri Dua

10 Dec

मुबारक तुम्हें यह नयी ज़िन्दगी हो,

क़दमों पर तेरे ख़ुशी ही ख़ुशी हो

कितना सुंदर, कितना पावन, यह रिश्ता है प्यार का,

एक हुए हैं, दो तन मन से, खिला सुमन श्रृंगार का,

सोचा था जितना, उतना कर न सका मैं,

चाहां था जैसा, वो कह न सका मैं,

कर देना क्षमा, अगर कुछ कमी रह गयी हो,

मुबारक तुम्हें यह नयी ज़िन्दगी हो. ( १ )

हर घडी सुनहरी लगती होगी, हर शाम लगेगी अंगूरी,

चढते यौवन की तुझको यह रात मिली है सिन्दूरी,

हर पल अपने जीवन में चिर स्नेह बनाय रखना,

आपस के प्यार पर बस विशवास बनाय रखना,

बहुत प्यारी, बहुत चंचल, बहुत खुशनुमा है तू,

नाजों में पली,अनमोल हीरे की कनी है तू,

जहाँ तू रहे वहीं आशिकी हो,

मुबारक तुम्हें यह नयी ज़िन्दगी हो. ( २ )

भारी ह्रदय से हमने तेरा कन्यादान किया है,

सुख समृधि से रहने का आशीर्वाद दिया है,

नया अध्याय यह जीवन का,हर पृष्ठ संभल कर पढना है,

दिल किसी का दुःख न जाए, उन बातों से बचना है,

अब एरामिली परिवार का, नया अनुराग है तू,

हम सब के लिए  तो ईश्वर का एक वरदान है तू,

अब जहाँ भी तू रहे, वहीं रौशनी हो .

मुबारक तुम्हें यह नयी ज़िन्दगी हो ( ३ )

मुबारक तुम्हें यह नयी ज़िन्दगी हो,

क़दमों पर तेरे ख़ुशी ही ख़ुशी हो.

हमेशा खुश रहो , सुखी रहो      ( मिलन ५. १२. २०१४ )