Archive | October, 2014

Dil Tumhara Ho Gaya

2 Oct
ग़म नहीं इस बात का, के दिल तुम्हारा हो गया,
ग़म तो इस बात का है, के ग़म तुम्हारा हो गया.
नज़र लगी तुम्हारी और कब होश मेरा खो गया
प्याला भरा भी नहीं और जाम सब बिखर गया.
इश्क ने तेरे मुझे इतना दिलेनाज़ुक बना दिया,
ज़रा भी कुछ हुआ नहीं बस आंसू छलका गया.
रात भर मै करता रहा बस खुशियों का इंतज़ार,
और हर सुबह तेरा ग़म मुझे आकर जगा गया.
तुम हमारे हो गए कब और मैं तुम्हारा हो गया,
मेरे तसव्वुर कातो बस यही एक बहाना हो गया.
याद करके उन्ही को अब तक जी रहा है मिलन,
भूल कर जिनको एक पल भी जिया नहीं गया.
ग़म नहीं इस बात का, के दिल तुम्हारा हो गया,
ग़म तो इस बात का है, के ग़म तुम्हारा हो गया.