Mukaddar Ki Baat

12 Aug

एक तेरे मुस्कुराने भर की बात थी,
मेरे लिए तो जीने मरने की बात थी.

नज़रें मिलीं और बस प्यार हो गया,
कहने कोतो यह बस ज़रा सी बात थी.

धडकनों ने दूर सेही पहचान लिया था,
बस तेरे नज़दीक तर आने की बात थी.

सामने मंजिल मेरे खुद ही आ गयी,
साथ तेरे एक कदम चलने की बात थी.

सारे शहर में जो एक आग फ़ैल गयी,
वो तेरे दिल में मेरे आने की बात थी.

इस जहाँ में कोई देखा नहीं तुम सा,
तू मिली ये मेरे मुक्कद्दर की बात थी.

मिलन ‘मोनी’

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