Archive | July, 2013

Mai Jeevan Hun

9 Jul

मै मृत्यु नहीं,

मै जीवन हूँ,

मृत्यु के भार से,

दबा हुआ हूँ |

घुटी घुटी सी साँसे मेरी,

रुकी रुकी सी आवाज़,

इस सच्चाई का प्रमाण है,

फैला रहा हूँ सुगंध,

चारों ओर अपनी,

वो तेरा श्रृंगार हो या,

हो किसी वेणी पर अर्पण,

शाख से टूटा सुमन हूँ,

मै मृत्यु नहीं,

मै जीवन हूँ |

साज़ से निकली,

एक प्यासी आवाज़ हूँ,

वासनाओं से भरी,

आस की टूटी कड़ी हूँ,

विषमताओं के घेरों से,

निकल चूका हूँ फिरभी,

बंधे हाथ,

जंजीरों के निशाँ,

और उभर गए,

पहले से,

अपना न सके कोई मन जिसे,

वो खोया विश्वास हूँ,

मै मृत्यु नहीं,

मै जीवन हूँ |

मै दिल की तुमसे,

कुछ कह न सका,

कहीं तुम्हे दुःख दर्द न हो,

व्यथा से मेरे दिल की,

कहीं तुम्हे आघात न हो,

छुपा छुपा,

पलकों के पीछे,

जीवन से उलझा,

एक लघु सा,

जल कण हूँ,

मै मृत्यु नहीं,

मै जीवन हूँ,

मृत्यु के भार से,

दबा हुआ हूँ |

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