Tanha Tanha

19 Dec

तनहा  तनहा

अपने दिल का उनके दिल से, हमने रिश्ता जोड़ दिया,

खोये खोये तनहा तनहा अब, हमने रहना छोड़ दिया.

जितने लम्बे दिन बीतें या, कितनी ही गहरी रातें गुजरें,

ख्वाबों की दुनिया में अब तो, गुमसुम रहना छोड़ दिया.

पतझड़ के मौसम में भी अक्सर, होती है बरसात यहाँ,

घर की दीवारों को अपना, अब हाल सुनाना छोड़ दिया

कुछ कहना है दिल को दिल से, ऐसा लाखों बार लगा,

होठों से जो कह न पाए, आँखों पर हमने छोड़ दिया.

बदलेगा कभी तो मौसम, हमे ऐसा कितनी बार लगा,

जिंदगी की कश्ती को जब, हवा के रुख पर छोड़ दिया.

वक्त की तेज़ धूप ने अपने, पैर कहाँ कहाँ तक फैलाए,

अपने साए से भी हमने अब, नज़र मिलाना छोड़ दिया.

अपने दिल का उनके दिल से, हमने रिश्ता जोड़ दिया,

खोये खोये तनहा तनहा अब, हमने रहना छोड़ दिया.

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