Archive | December, 2012

Tanha Tanha

19 Dec

तनहा  तनहा

अपने दिल का उनके दिल से, हमने रिश्ता जोड़ दिया,

खोये खोये तनहा तनहा अब, हमने रहना छोड़ दिया.

जितने लम्बे दिन बीतें या, कितनी ही गहरी रातें गुजरें,

ख्वाबों की दुनिया में अब तो, गुमसुम रहना छोड़ दिया.

पतझड़ के मौसम में भी अक्सर, होती है बरसात यहाँ,

घर की दीवारों को अपना, अब हाल सुनाना छोड़ दिया

कुछ कहना है दिल को दिल से, ऐसा लाखों बार लगा,

होठों से जो कह न पाए, आँखों पर हमने छोड़ दिया.

बदलेगा कभी तो मौसम, हमे ऐसा कितनी बार लगा,

जिंदगी की कश्ती को जब, हवा के रुख पर छोड़ दिया.

वक्त की तेज़ धूप ने अपने, पैर कहाँ कहाँ तक फैलाए,

अपने साए से भी हमने अब, नज़र मिलाना छोड़ दिया.

अपने दिल का उनके दिल से, हमने रिश्ता जोड़ दिया,

खोये खोये तनहा तनहा अब, हमने रहना छोड़ दिया.

Bin Tumhare

12 Dec

बिन  तुम्हारे

बिन  तुम्हारे,

अब जिया जाता नहीं,

ग़म जुदाई का

अब सहा जाता नहीं,

बिन तुम्हारे अब जिया जाता नहीं.

जिंदगी ऐसी भी कोई

जिंदगानी है,

प्यार न, जिसमे वफ़ा,

न महरबानी  है,

ख्वाइशों का जहर अब

पिया जाता नहीं

बिन तुम्हारे अब जिया जाता नहीं,

वक़्त ने किस मोड़ पर,

ला के छोड़ा है,

चलते चलते राह पे,

हमको तोडा है,

रास्ता अब ये कहीं ,

जाता नहीं,

बिन तुम्हारे अब जिया जाता नहीं,

दर्द यह उनकी अमानत,

जान कर,

बस ग़मों को एक इबादत,

मान कर,

खर्च इनको बेवजह,

किया जाता नहीं,

बिन तुम्हारे अब जिया जाता नहीं,

अश्को ने जब कह दिया है,

हालेदिल अपना,

मुस्कुरा कर सह लिया है,

दर्देदिल अपना,

इसके आगे हमसे अब,

कुछ कहा जाता नहीं,

बिन तुम्हारे अब जिया जाता नहीं.

ग़म जुदाई का अब सहा जाता नहीं.

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12/12/2012

Sard Hava

11 Dec

सर्द हवा 

सिरहन

सर्द हवा की,

उसपर

आगोश की तपिश,

ठहर गया मौसम

बेशर्म.

बिखरी,

कपकपाती धूप,

सुबह ओस पर

फैला पीलापन,

गोरे बदन पर जैसे.

गीलापन.

अनजानी सी

एक आहट,

याद हो आयी

अनायास.

उड़ा गयी यह हवा भी

चलते चलते,

बस उसका उपहास.

ऐसे में चलो,

स्पर्श कर लें,

एक दूजे को,

होंठो से,

कुछ न बोले,

मन से मन की बात कह लें,

दीवाने पन में.

मखमली

बाहों के दायरों में

बंध जाएँ,

धडकनों को

महसूस कर लें,

सिरहन सर्द हवा की,

ज़ब्त कर लें.

Raat Dhal Jaayegi

6 Dec

रात ढल जायेगी 

 

रात ढल जायेगी, सुबह होगी ज़रूर,

ज़िन्दगी को ज़रा मुस्कुराने तो दो.

शम्मा जल जायगी, रौशनी के लिए,

तुम ज़रा मुझको नज़दीक आने तो दो.

 

सो गए हैं नज़ारे, है सोया जहाँ,

गुज़रे कैसे भला रात का ये समा,

दिल की बातों को होंठों पे आने तो दो,

तुम ज़रा मुझको नज़दीक आने तो दो,

 

खो गयीं हैं बहारें, है खोया समां,

खोया खोया सा दिल भी है जाने कहाँ

अपनी बाहों में मुझको समाने तो दो,

तुम ज़रा मुझको नज़दीक आने तो दो,

 

चाँद छुपता नहीं, बादलों से कहीं,

नाव चलती नहीं, आंधियों में कहीं,

दूरियों के ये रिश्ते मिटने तो दो,

तुम ज़रा मुझको नज़दीक आने तो दो,

 

नींद आती नहीं, करवटो में कभी,

चैन मिलता नहीं उलझनों में कभी,

ज़िन्दगी को ज़रा गीत गाने तो दो,

तुम ज़रा मुझको नज़दीक आने तो दो.

 

रात ढल जायेगी, सुबह होगी ज़रूर,

ज़िन्दगी को ज़रा मुस्कुराने तो दो

शम्मा जल जायगी, रौशनी के लिए,

तुम ज़रा मुझको नज़दीक आने तो दो,

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Pata naa chala

4 Dec

पता ना चला

हमसफ़र थे तुम, तो मुश्किलों का पता ना चला,

मुस्कुराये जब हम, तो उलझनों का पता ना चला.

इतनी खामोशी से तुम, मेरे दिल में उतर गए के,

मेरी धडकनों तक को तेरे आने का पता ना चला.

वक़्त अच्छा या बुरा, बस आता रहा हमेशा की तरह,

कैसे कट गए रास्ते, इसका तो बिलकुल पता ना चला.

दिल साफ़ था मेरा, तो दोस्त बन गए करीबी  इतने,

अबतक दुश्मनों की दुश्मनी का कुछ पता ना चला.

रास्ते भर यह मौसम, इतना खुश गवार रहा अपना,

ज़िन्दगी की दुश्वारियों का बिलकुल पता ना चला.

हमसफ़र थे तुम, तो मुश्किलों का पता ना चला,

मुस्कुराये जब हम, तो उलझनों का पता ना चला.