Parichya

25 Nov

परिचय

परिचय जब तक ना हो, सब अनजान है,

साथी जब तक ना हो, जग सुनसान है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.

कभी कभी तो कोई इतना पास होता है,

ह्रदय के मिल जाने का विशवास होता है,

ठुकरा सके ना ये दिल उसे क्या बात है,

आशिक जब तक ना हो, दिल बेहाल है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.१.

पग पग चल के राहें तो, कट जाती हैं,

अनगिनत यादें बस पीछे, रह जातीं हैं,

भुला सके न मन उसे कभी क्या बात है,

यादें ही जब तक ना हो, मन वीरान है.

परिचय जब…………… जग सुनसान है.२.

उषा की लाली लेकर दिन निकलता है,

निशा निमंत्रण पर ये चाँद निकलता है,

कारी बदरी समझे गहरी क्या ये बात है,

दीपक जब तक ना हो, सब अन्धकार है.

परिचय जब.तक ………….. जग सुनसान है.३.

खिलते खिलते ये रूप निखरता जाता है,

दिल को दिल का दीवाना करता जाता है,

आँखों आँखों में छुपा जाने  क्या राज़ है,

आंसू ये जब तक ना हों सब खुशहाल है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.४.

पल पल करके अपना समय गुज़र रहा है,

दीपक ही तो दीपक को यहाँ जला रहा है,

जीवन में अक्सर ही उठ जाता तूफ़ान है,

साहिल जब तक ना हो, सब मझधार है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.५.

परिचय जब तक ना हो, सब अनजान है,

साथी जब तक ना हो, जग सुनसान है.

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