Bin Tumhare Jee Sake Na

16 Nov

बिन तुम्हारे जी सकें न

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

दर्द दिल का सह सकें न, तो बताओ क्या करें,

आपकी आँखों में मैंने,

देख ली अपनी जगह,

प्यार तुमने भी किया है,

सिर्फ मुझसे बेपनाह,

होंठ कुछ भी कह सकें न, तो बताओ क्या करें.

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें.

एक खुशबू की तरह,

तुम जिंदगी में छाई हो,

पास हो इतना हमारे,

पर नज़र न आई हो,

ख्वाब से तुम जा सके न, तो बताओ क्या करें,

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें.

रात में जो चाँद निकला,

याद तेरी आ गई,

जागती आँखों में जैसे,

तेरी सूरत छा गई,

धडकनें चुप रह सकें न, तो बताओ क्या करें.

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

ग़म जुदाई का ये तुम भी ,

कब तलक सह पाओग,

चांदनी रातों में तनहा,

मुझसे मिलने आओगे ,

चैन से जब सो सकें न, तो बताओ क्या करें.

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

प्यार की नज़रों से देखो,

तेरा ही दिल है यहाँ,

उठता जाएगा धुआ ये,

दूर तक जाने कहाँ,

अपनी चाहत छुप सकें न, तो बताओ क्या करें.

आँखों से बारिश रुक सकें न, तो बताओ क्या करें

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

दर्द दिल का सह सकें न, तो बताओ क्या करें.

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2 Responses to “Bin Tumhare Jee Sake Na”

  1. paradox7 November 16, 2012 at 6:23 am #

    Good! “paas ho itta magar, par nazar na aayi ho…” this was the best for me…
    lovely way of loving… 😀

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