Archive | November, 2012

Parichya

25 Nov

परिचय

परिचय जब तक ना हो, सब अनजान है,

साथी जब तक ना हो, जग सुनसान है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.

कभी कभी तो कोई इतना पास होता है,

ह्रदय के मिल जाने का विशवास होता है,

ठुकरा सके ना ये दिल उसे क्या बात है,

आशिक जब तक ना हो, दिल बेहाल है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.१.

पग पग चल के राहें तो, कट जाती हैं,

अनगिनत यादें बस पीछे, रह जातीं हैं,

भुला सके न मन उसे कभी क्या बात है,

यादें ही जब तक ना हो, मन वीरान है.

परिचय जब…………… जग सुनसान है.२.

उषा की लाली लेकर दिन निकलता है,

निशा निमंत्रण पर ये चाँद निकलता है,

कारी बदरी समझे गहरी क्या ये बात है,

दीपक जब तक ना हो, सब अन्धकार है.

परिचय जब.तक ………….. जग सुनसान है.३.

खिलते खिलते ये रूप निखरता जाता है,

दिल को दिल का दीवाना करता जाता है,

आँखों आँखों में छुपा जाने  क्या राज़ है,

आंसू ये जब तक ना हों सब खुशहाल है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.४.

पल पल करके अपना समय गुज़र रहा है,

दीपक ही तो दीपक को यहाँ जला रहा है,

जीवन में अक्सर ही उठ जाता तूफ़ान है,

साहिल जब तक ना हो, सब मझधार है.

परिचय जब तक …………… जग सुनसान है.५.

परिचय जब तक ना हो, सब अनजान है,

साथी जब तक ना हो, जग सुनसान है.

Tere Rahenge Hum

23 Nov

तेरे रहेंगे हम

इतने करीब आ गए कुछ ही पलों में हम,

अब तेरे बगैर जी सकें ना मर सकेंगे हम.

दरिया हो तुम तो हम भी समुंदर कम नहीं,

मिलते रहें हैं हम सदा मिलते ही रहेंगे हम

तू चाँद मेरे दिल का और मै तेरा आसमान,

बस आगोश में तुझको यूं सजाते रहेंगे हम.

आँखों पे हाथ रखने से कुछ नहीं बदलता,

रात सपनों में तुम्हारे फिर आते रहेंगे हम.

सारे जहां से छीन तुझे अपना बना लिया,

अब तेरे हैं और जिंदगी भर तेरे रहेंगे हम.

इतने करीब आ गए कुछ ही पलों में हम,

Kuch Aur Hota hai

22 Nov

कुछ और होता है

तेरी आँखों से पीने का नशा कुछ और होता है,

मोहब्बत में ज़ख्मों का मज़ा कुछ और होता है.

अगर बादल गमों के हों, तू हवा बन कर आये,

तेरे अहसासे तन्हाई का समा कुछ और होता है.

हो काली रात तो शायद, यादें तक झुलस जाएँ,

तेरे प्यार में जलना सुलगना कुछ और होता है.

सफ़र मुश्किल हो जितना बहुत आसान हो जाए,

लेकर बाहों में ये बाहें चलना कुछ और होता है.

सच क्या समझ पायेंगे इतना कभी दीवाने जब,

होंठों ने कुछ, नज़रों ने कहा कुछ और होता है.

तेरी आँखों से पीने का नशा कुछ और होता है,

मोहब्बत में ज़ख्मों का मज़ा कुछ और होता है.

मिलन

Rang Mohabbat Ka

19 Nov

रंग मोहब्बत का

रंग मुहब्बत का हो जिसमे,

फूल वही खिल जाएँ तो,

अच्छे लगते है सब मौसम,

साथ तेरा मिल जाए तो.

अच्छे लगते हैं सब मौसम, साथ तेरा मिल जाए तो.

 तनहा नहीं रह पाता हूँ,

खुद अपनी तन्हाई में,

तेरा साया सा लगता है,

अब मेरी परछाई में.

ख्वाबों के रास्ते ही चलकर, दिल में कोई आ जाए तो,

 अच्छे लगते हैं सब मौसम, साथ तेरा मिल जाए तो.

 चाहा था मैने बस इतना,

 साथ सफ़र कट जाए यह,

 दिल की बात जाने अनजाने,

 होठों पर  आ जाए यह,

 प्यार अधूरा सा लगता है, दिल में कुछ रह जाए तो.

 अच्छे लगते हैं सब मौसम, साथ तेरा मिल जाए तो.

 बहते बहते नदियाँ भी,

सागर से मिल जातीं हैं,

खिलते खिलते कलियाँ भी,

गुलशन को महकतीं हैं,

जिंदगी का नशा हो जिसमे, जाम वही मिल जाये तो,

 अच्छे लगते हैं सब मौसम, साथ तेरा मिल जाए तो.

कितना सुंदर, कितना पावन,

यह रिश्ता है प्यार का,

एक हुए हैं दो तन मन से,

खिला सुमन श्रृंगार का,

तेरे अधरों से जो निकले, बात वही बन जाए तो,

अच्छे लगते हैं सब मौसम, साथ तेरा मिल जाए तो.

रंग मुहब्बत का हो जिसमे, फूल वही खिल जाएँ तो,

अच्छे लगते है सब मौसम, साथ तेरा मिल जाए तो.

Bin Tumhare Jee Sake Na

16 Nov

बिन तुम्हारे जी सकें न

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

दर्द दिल का सह सकें न, तो बताओ क्या करें,

आपकी आँखों में मैंने,

देख ली अपनी जगह,

प्यार तुमने भी किया है,

सिर्फ मुझसे बेपनाह,

होंठ कुछ भी कह सकें न, तो बताओ क्या करें.

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें.

एक खुशबू की तरह,

तुम जिंदगी में छाई हो,

पास हो इतना हमारे,

पर नज़र न आई हो,

ख्वाब से तुम जा सके न, तो बताओ क्या करें,

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें.

रात में जो चाँद निकला,

याद तेरी आ गई,

जागती आँखों में जैसे,

तेरी सूरत छा गई,

धडकनें चुप रह सकें न, तो बताओ क्या करें.

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

ग़म जुदाई का ये तुम भी ,

कब तलक सह पाओग,

चांदनी रातों में तनहा,

मुझसे मिलने आओगे ,

चैन से जब सो सकें न, तो बताओ क्या करें.

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

प्यार की नज़रों से देखो,

तेरा ही दिल है यहाँ,

उठता जाएगा धुआ ये,

दूर तक जाने कहाँ,

अपनी चाहत छुप सकें न, तो बताओ क्या करें.

आँखों से बारिश रुक सकें न, तो बताओ क्या करें

बिन तुम्हारे जी सकें न, तो बताओ क्या करें,

दर्द दिल का सह सकें न, तो बताओ क्या करें.

Dil Ki Dil Se

15 Nov

दिल की दिल से

दिल बेइंतिहा किसी से यूँ लगाया ना कीजिये,

दिल दीजिये तो नज़रें यूँ चुराया ना कीजिये.

लग जाए न नज़र कहीं खुद की ही हुज़ूर को,

इन आयनों से भी नज़र मिलाया ना कीजिये.

होंठों पे बात कुछ और है नज़रों में और कुछ,

बातों में बात दिल की अब छुपाया ना कीजिये.

मिलकर अभी गए हो दिल फिर मचल रहा है,

दीवाना किसी को इतना  बनाया ना कीजिये.

छलक न  जाएँ  आँखों  से अब ख़ुशी के  आंसू,

हर बात दिल की दिल से लगाया ना कीजिये.

दिल बेइंतिहा किसी से यूँ लगाया ना कीजिये,

दिल दीजिये तो नज़रें भी चुराया ना कीजिये.

Hamara Nahi Lagta

5 Nov

 हमारा नहीं लगता

घर हमारा हो कर भी,हमारा नहीं लगता,

इतना बिखरा सामान, हमारा नहीं लगता.

यादों की कोई भी तस्वीर, नहीं दीवारों पे,

सूना कमरा इस कदर, हमारा नहीं लगता.

छाँव पत्तों पे बैठी हो, जमी पर आये नहीं,

कड़ी दोपहर दरख्त वो, सहारा नहीं लगता.

तूफ़ान जज्बातों का बेहद, तेज़ हो जाए तो,

किनारे पहुँच कर भी, किनारा नहीं लगता.

संजो कर आँखों मे ही रखा जिन्हें हमेशा,

टूटा हुआ ख्वाब अभी हमारा नहीं लगता.

घर हमारा हो कर भी,हमारा नहीं लगता,

इतना बिखरा सामान, हमारा नहीं लगता.

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